Mahendra Arya

Mahendra Arya
The Poet

शुक्रवार, 15 जुलाई 2022

वरना


मिल सको तो मिलो, वरना बहाने हम खुद ही गढ़ लेंगे

कुछ कह सको तो कहो, वरना हम चेहरे पे भी पढ़ लेंगे


जरा सा वक़्त चाहिए, ख्वाहिश और कुछ नहीं

दे सको तो दो, वरना अकेले ही आगे बढ़ लेंगे



थोड़ी सी मुस्कुराहट और थोड़ा प्रेम चाहिए

असली हो तो दो, वरना तस्वीर हम ही मढ़ लेंगे

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