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शनिवार, 17 सितंबर 2011

अलग अलग चाँद
















आसमान में जब निकला पूनम का चाँद
सब ने देखा क्या वो ही पूनम का चाँद ?
व्यापारी ने चांदी का सिक्का देखा
और भिखारी ने लटकी रोटी देखी
बच्चे ने देखी चरखे वाली नानी
और खिलाडी ने उसमे मेडल देखा
उपवासी पत्नी ने पति को देखा उसमे
माँ ने उसमे बेटे का मामा देखा
प्रेमी ने देखा प्रेयसी का चेहरा
और पुजारी ने उसमे ईश्वर देखा
वैज्ञानिक ने उसमे भी जीवन पाया
और ज्योतिषी ने उसमे भविष्य पाया
चाँद वही था दिखता अलग अलग क्यूँ था
मन की आँखों में उसका बिम्ब अलग यूँ था `
आँखें ही बस नहीं देखती है सब कुछ
मन भी उसके साथ देखता है कुछ कुछ