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रविवार, 26 अक्तूबर 2014

पहाड़ पर



क्यों  लोग गर्मियों में जाते पहाड़ पर
शहरों से दूर रहने ऊंचे पहाड़ पर

सड़कों की चिल्ल पों से जब फट रहे हों कान
खामोशियों की खोज में जाते पहाड़ पर

आबोहवा शहर की जब जहर घोलती
अमृत को  ढूंढने  सब जाते  पहाड़ पर

हर वक़्त दौड़ता तन पैसे की दौड़ में
फिर वक़्त अपना ढूंढने जाते पहाड़ पर

रिश्तों  के मायने जब खो जाते शहर में
रिश्तों को फिर से जीने जाते पहाड़ पर 

सोमवार, 20 अक्तूबर 2014

सब के कद नप गए


चुनाव की भट्टी में सारे दल तप  गए
बड़ों के छोटों के सब के कद  नप  गए

बड़ी बड़ी हांकते थे जनता के आगे
जनता की आंधी में सारे ही खप  गए

जिनको परहेज था मोदी की बातों से
दोस्ती की चाहत में खड़े खड़े थक गए

जहर जो उगलते थे , आज फ़िक्र  करते हैं
बेवजह ही इतना तब किस लिए यूँ बक गए

रस्सियाँ तो जल गयी , बट  लेकिन बाकी है
बट सीधे होंगे कब , बंट बंट के बंट गए।





रविवार, 12 अक्तूबर 2014

अलग दिवाली


घर घर दीप जलायें 
अँधियारा मिट जाए। 


अंधियारे की आज देश में
बदल गयी परिभाषा
इस  बदले युग की हम सब से
भिन्न हुई है आशा

आओ हम सब इस दिवाली
कुछ  ऐसा कर जाएँ !


रहे देश का कोई बालक
शिक्षा बिन अधूरा
हर बालक  जो सपना देखे
सपना हो वो पूरा

हर नन्हे सपने को , नन्हे
पंख नए मिल जाएँ।

इस दिवाली  झाड़ू लेकर
सड़कों पर निकले हम
अपने शहर मोहल्ले का सब
कचरा दूर करें हम।

अपने घर की साफ़ सफाई
से आगे बढ़ जाएँ।

पटाखों का धूम धड़ाका
अब यह नहीं सुहाता
वायु  का प्रदूषण करता
कितना शोर मचाता

सीमा पर दुश्मन से लड़ने
अपना धन पहुँचायें। 



लक्ष्मी के पूजन की भी अब
बदल गयी परिपाटी
अपनी लक्ष्मी की कुछ राशि
यूँ समाज में बाँटी

धूप दीप नेवैद्य सभी के
जीवन को महकाए।

 
दिए जलाएं मिट्टी  के ही
तेल देश का भर कर
एक दिया अपने घर जलता
एक कुम्हार के घर पर

त्यागे सस्ती चीनी चीजें
देशी ही अपनाएं। 


मुठ्ठी मुठ्ठी दिवाली से
जगमग देश सजेगा
एक सौ तीस कोटि लोगों का
जीवन जब बदलेगा

दुनिया का सिरमौर बने यह
 अपना देश बनायें।

बुधवार, 1 अक्तूबर 2014

नमो बहुत खास है

नमो आम इंसान नहीं , नमो बहुत खास है
कितने सारे उदाहरण हमारे आस पास है

ओबामा ने नहीं दिया मोदी को वीसा
लेकिन मोदी ने दे दिया है पूरे अमेरिका को वीसा

पाकिस्तान ने अलापा अपना पुराने कश्मीरी झगडे का आलाप
मोदी ने कहा - बात करनी है तो अपनी करतूतें बात लायक करो

मोदी ने दिया ओबामा को मार्टिन लूथर किंग का ऐतिहासिक भाषण
ओबामा ले गए मोदी को मार्टिन की समाधि पर , अपने साथ

९० मिनट की वार्ता चली १४० मिनट तक
लगता है दोनों नेताओं के बीच समय की सीमायें समाप्त हो गयी

मोदी ने बात की हर मुश्किल विषय पर
लेकिन देश की प्राथमिकताओं को ऊपर रख कर

मेडिसन स्क्वायर के प्रांगण में भारतीय प्रवासी ही नहीं
दर्जनों अमेरिकी सीनेटर भी पहुंचे मोदी को सुनने

भारत और अमरीका मिल चुके हैं मंगल पर
एक बार फिर मिले हैं भारत और अमरीका मंगल के लिए

मोदी एक युग पुरुष है , जो भारत की तकदीर बदलेगा
भारत एक बार फिर विश्व का सिरमौर बन कर चलेगा