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बुधवार, 14 दिसंबर 2011

लोरी (विलिअम ब्लेक की रचना "क्रेडल सोंग ")


लोरी 

(अंग्रेजी के मशहूर कवि विलिअम ब्लेक की अलग तरह की रचना है "क्रेडल सोंग " . ये कविता हिंदी में प्रचलित लोरी का ही रूप है . प्रस्तुत है उसका हिंदी अनुवाद पूरी छंद बद्धता के साथ )

सो जा सो जा , सुन्दर गुडिया  
रातों के सपनों की दुनिया 
सो जा सो जा , जब तू सोती 
नन्हे दुखों को तू खोती

प्यारी बिटिया के चेहरे पर 
दिखती भोली इच्छाएं पर 
सुख और मुस्कानों की परतें 
भोली और नन्ही  शरारतें 

तेरी कोमलता का अनुभव 
तेरी हंसी सुबह का वैभव 
गालों और छाती पर करता 
नन्हा ह्रदय धड़कता रहता
  
धीरे से तेरी शैतानी 
नन्हे सुप्त ह्रदय में आनी
सुप्त ह्रदय निद्रा तोड़ेगा 
तब अँधियारा भी दौड़ेगा  


Cradle Song
Sleep, sleep, beauty bright,
Dreaming in the joys of night;
Sleep, sleep; in thy sleep
Little sorrows sit and weep.

Sweet babe, in thy face
Soft desires I can trace,
Secret joys and secret smiles,
Little pretty infant wiles.

As thy softest limbs I feel
Smiles as of the morning steal
O'er thy cheek, and o'er thy breast
Where thy little heart doth rest.

O the cunning wiles that creep
In thy little heart asleep!
When thy little heart doth wake,
Then the dreadful night shall break. 


William Blake 


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