Mahendra Arya

Mahendra Arya
The Poet

सोमवार, 17 फ़रवरी 2014

कुछ नयी परिभाषायें

आम आदमी 

वो मूर्ख सा व्यक्ति 
जिसकी अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं होती 
जो 
सिर्फ एस एम एस के द्वारा 
हाँ या ना में अपनी राय देता है
भ्रष्टाचार

सभी राजनैतिक दलों 
का एक गुप्त 
कॉमन मिनिमम प्रोग्राम
मिडिया 

ऐसी बन्दूक 
जिसका लाइसेंस तो है 
लेकिन 
रोक टोक नहीं
तीसरा मोर्चा 

कई पैबंद मिला कर 
एक कमीज 
सिलने का प्रयास
चुनाव 

पांच सालों के लिए 
एक नयी 
बेकार सरकार 
चुनने की  प्रक्रिया
न्यूज़ एडिटर ( टीवी )

चीख चीख कर 
दूसरों को चीखने से 
रोकने वाला 
अंतिम वक्ता
अफवाहें 

बिना दस्तखत के 
हवा में उछाले  हुए 
मुट्ठी भर शब्द

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें