Mahendra Arya

Mahendra Arya
The Poet

शुक्रवार, 9 दिसंबर 2011

डेफोडिल्स


डेफोडिल्स
(पृकृति के महान कवि विलियम वर्ड्सवर्थ की एक महान कृति  डेफोडिल्स का हिंदी में छंद के साथ अनुवाद )

मैं अकेला घूम रहा था , जैसे कोई बादल
उड़ता है घाटियों और पहाड़ों पर 
अचानक मुझे दिखा एक झुण्ड - एक दल 
डेफोडिल फूलों का मगर 
झील के पास , पेड़ों के नीचे 
हिलते , नाचते जैसे पवन खींचे 

सितारों की चमक से चमकदार 
जैसे आकाश गंगा में चमकते 
एक असीम धारा में लगातार 
एक खाड़ी के हाशिये से लगते 
एक साथ दिखे कोई दस हजार 
नाचते सर हिलाते बार बार  

उनके पास ही लहरें कर रही थी नृत्य  
लेकिन उन्हें मात  दे रहे थे, ये फूलों के झुण्ड 
एक कवि के लिए क्या होगा इससे मधुर सत्य 
जब हो साथ में ऐसा मनमोहक झुण्ड 
मैंने देखा और देखता रहा , बिना ज्यादा विचारे 
जीवन में क्या संपदा लायेंगे ये  फूलों के झुण्ड प्यारे

प्रायः जब भी सोफे पर लेटता हूँ 
कभी रिक्त कभी चिंतित मन में 
अपने अंतर में उनकी चमक  देखता हूँ
ख़ुशी दे जाते हैं अकेलेपन में 
और मेरा ह्रदय खुशियों से भरता है
मनो डेफोडिल्स के साथ नृत्य करता है    

विलियम वर्ड्सवर्थ


Daffodils 

I wandered lonely as a cloud
That floats on high o'er vales and hills,
When all at once I saw a crowd,
A host, of golden daffodils,
Beside the lake, beneath the trees,
Fluttering and dancing in the breeze.

Continuous as the stars that shine
And twinkle on the milky way,
They stretch'd in never-ending line
Along the margin of a bay:
Ten thousand saw I at a glance
Tossing their heads in sprightly dance.

The waves beside them danced, but they
Out-did the sparkling waves in glee:--
A Poet could not but be gay
In such a jocund company!
I gazed--and gazed--but little thought
What wealth the show to me had brought;

For oft, when on my couch I lie
In vacant or in pensive mood,
They flash upon that inward eye
Which is the bliss of solitude;
And then my heart with pleasure fills
And dances with the daffodils. 


William Wordsworth 


7 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" शनिवार 10 अप्रैल 2021 को साझा की गयी है......... पाँच लिंकों का आनन्द पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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